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संस्था का मुख्य उद्देश्य
  • कोशी क्षेत्रीय विकलागं आवासीय मध्य विद्यालय,सहरसाः-उक्त विद्यालय द्वारा वर्ग प्रथम से अष्टम् तक निःशुल्क शिक्षा एवं विकलागं छात्र-छात्राओं के लिए निःशुल्क आवासीय सुविधा।
  • कोशी क्षेत्रीय महिला सिलाई बुनाई प्रशीक्षण सह उद्योग केन्द्र सहरसाः-उक्त केन्द्र के माध्यम से विकलागं,विधवा अनुसुचित जाति, अनुसुचित जनजाति,पिछडा वर्ग एवं प्रशिक्षित प्रशिक्षकों द्वारा प्रशिक्षण के क्षेत्र में आत्मनिर्भर एवं स्वावलंबी बनाना।
  • कोशी कृत्रिम अंग निर्माण केन्द्र सहरसाः-उक्त केन्द्र के माध्यम से विकलांगों को कृत्रिम अंग एवं उपस्कर का निर्माण कर निःशुल्क वितरण कार्य सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा अधिकृत।
  • परिवार परामर्श केन्द्र सहरसाः-उक्त केन्द्र के द्वारा प्रताडित महिलाओं को निःशुल्क परामर्श के माध्यम से न्याय दिलाना।
  • कोशी कम्पयुटर केन्द्र सहरसाः- उक्त केन्द्र के द्वारा विकलांग को निःशुल्क प्रशीक्षण के साथ-साथ समाज के सभी वर्गो के युवक एवं युवतियों को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में न्यूनतम दर पर प्रशिक्षण दिलाकर स्वरोजगार एवं आत्मनिर्भर बनाना।
  • कोशी होमियों चिकित्सा केंन्द्र,सहरसाः-इस केन्द्र के माध्यम से समाज के सभी वर्गो को निःशुल्क जॉच एवं दवा उपलब्ध करवाना।
  • शिक्षा के क्षेत्र में भारतीय पुर्नवास परिषद द्वारा शिक्षकों को प्रशिक्षण सभी श्रेणी के विकलागों को दिलाना।
  • केन्द्र प्रायोजित योजनाः-केन्द्र प्रायोजित योजना के अन्तर्गत स्वर्णजंयन्ती ग्राम स्वरोजगार योजना के तहत ग्रामिण क्षेत्रों के विकलांग व्यक्तियों को गरिबी रेखा से उपर उठाने हेतु स्वंय सहायता का गठन कर आत्मनिर्भर बनाना।
  • सर्वशिक्षा अभियान के तहत वैकल्पिक एवं नवाचारी शिक्षा केन्द्र के माध्यम से स्कुली शिक्षा से वचिंत एवं गरीबी रेखा से नीचे 250 बच्चों को शिक्षा प्रदान कर विद्यालय शिक्षा से जोडने का कार्य किया जा रहा हैं।
  • केन्द्र प्रायोजित योजना के तहत समाज के निम्न वर्ग एवं गरीबी रेखा के नीचे गुजर-बसर करने वाले सभी श्रेणियों के छात्राओं को आवासीय शिक्षा कस्तुरबा गाँधी बालिका आवासीय विद्यालय के माध्यम से दिया जा रहा हैं ।
  • भारतीय पुर्नवास परिषद् नई दिल्ली के आदेशानुसार मध्यप्रदेश भोज खुला विश्वविद्यालय भोपाल के द्वारा स्थापित विकलांगता के क्षेत्र में विशेष प्रशिक्षण (एस.ई.डी.ई) प्रचार के माध्यम से कराया जाता हैं।
  • संस्था के अन्य कार्यः-संस्था के द्वारा समाज के उपेक्षित विकलांग,विधवा वृद्ध को शिक्षण,प्रशिक्षण,वृद्धा पेंशन,इंदिरा आवास,पुर्नवास एवं विभिन्न विकास कार्य में मार्गदर्शन एवं सहयोग उपलब्ध कराकर आत्मनिर्भरता का क्षेत्र में सेवा प्रदान की जाती हैं।
  • संस्थान द्वारा चयनित क्षेत्र में विद्यालय एवं छात्रावास के लिए भवन अपने स्तर से उपलब्ध करने में सक्षम हैं।
  • संस्थान द्वारा विकलांगों का सर्वेक्षण वर्ष 1994 एवं वर्ष 2005 में जिला प्रशासन के निर्देश के आलोक में संपन्न कराई गई हैं।
  • संस्थान द्वारा सर्वशिक्षा अभियान के अर्न्तगत 6 से 14 वर्ष के शिक्षा से वंचित रहने वाले 1000 बच्चों का सर्वेक्षण कराकर जिला पदाधिकारी को सूची समर्पित किया गया हैं।
  • संस्थान द्वारा सम्पूर्ण ग्रामीण स्वच्छता जल अभियान(प्राकल्प)योजना के अर्न्तगत कार्यपालक अभियंता,लोक स्वास्थ्य प्रमंडल ,सहरसा,सुपौल सह सदस्य सचिव जिला जल एवं स्वच्छता समिति,सहरसा/सुपौल के आदेशानुसार सुपौल जिले के त्रिवेणीगंज प्रखंड के चार पंचायत एवं सहरसा जिले के सौरबाजारों प्रखंड के चार पंचायतों में कुल क्रसशः 8670 एवं 8920 परिवारों का सर्वेक्षण उक्त अभियान के तहत कर विभाग को प्रतीवेदन समर्पित किया गया हैं।
  • जिला ग्रामिण विकास अभिकरण सहरसा के आदेशानुसार,डबाकरा योजना,ट्रायसम योजना अन्तर्गत ग्रामिण क्षेत्र के महिला एवं पुरुषों को विभिन्न ट्रेंडोंका प्रशिक्षण चलाया जाता हैं एवं स्वर्णजंयन्ती ग्राम स्वरोजगार योजना के अन्तर्गत स्वंय सहायता समूह का गठन एवं प्रशिक्षण कार्यशाला जिला ग्रामिण विकास अभिकरण सहरसा के आदेशानुसार किया जा रहा हैं।
 
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